(1)

मेरी मेहदी के हरे-हरे पात, सांवरिया मेहदी रंग भरी।

गोरी किन तुझे मेहदी मंगा दई,

और किसको मेंहदी का चाव।। सांवरिया मेंहदी…….

मेरे सुसरा जी ने मेहदी मंगाइयां, मेरे जेठा जी ने मेंहदी मंगाइयां।

मेरी सासू जी को मेंहदी का चाव।। सांवरिया मेंहदी “

गोरी किन थारे हाथ रचाइयाँ, और कौन थारा निरखन हार। सांवरिया मेंहदी…….

मेरी ननदी ने हाथ रचाइयां, और निरखे ननदी का बीर। सांवरिया मेंहदी….

मैं तो ओढ़ पहन पनियां चली, सखी हाथों में चूड़ा कांच का,

थारी खूब बनी तकदीर ।। सांवरिया मेहदी……

(2)

सजन मेहदी मंगवा दो जी, सांवरिया मेंहदी मंगवा दो जी।

सजन हमसे ना बोलो जी, हमारा पल्लू छोड़ो जी ।

अटरिया कैसे आवे जी, हमारी पायल डोले जी।

हमारे बिछुवे बोलें जी, हमारे पैरों में मेंहदी जी।

हमारी सासू जागे जी, हमारे सुसरा खांसे जी।

हमारे हाथों मेंहदी जी, हमारे पैरों मेंहदी जी

हमारे मन को भावे जी ।

सजन मेहदी गंगा दो जी,

सांवरिया मेंहदी ला दो जी।

हमारे हाथों में मेहदी हमारे पैरों में मेंहदी ला दो जी ।

हमारे हाथों में मेंहदी जी, हमारे पैरों में मेंहदी जी “

सजन जल्दी लगावाइयो जी ।

सजन बागों में जाइयो जी, वहाँ मेंहदी तुड़वाइयो जी ।

उसे बारीक पिसवाइयो जी, सुगन्धी भी मिलवाइयो जी ।

सजन नाइन बुलवाइयो जी, हमारे हाथों में मेंहदी।

हमारे पैरों में मेंहदी जी…..

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *