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अक्साई चीन (Aksai Chin) शब्द आजकल एक बार फिर चर्चा में है। भारत और चीन के विवाद की एक बड़ी वजह Aksai Chin क्षेत्र भी है। चीन लंबे समय से इस क्षेत्र ( Aksai Chin) पर कब्जा जमाए बैठा है जबकि भारत हमेशा इसे अपना भूभाग होने का दावा करता रहता है। आखिर यह विवाद है क्या और चीन ने कब्जा कैसे किया। भारत का यह हिस्सा कैसे है। इन सारे सवालों का जवाब आपको इस आर्टिकल में मिल जाएगा तो चलिए आर्टिकल को शुरू करते हैं।

Aksai Chin kya hai? अक्साई चीन क्या है

इस विवाद को जानने से पहले हमें यह जानना जरूरी है कि आखिर Aksai Chin है क्या। यह इसलिए भी जानना जरूरी है क्योंकि यह जानने के बाद आप समझ सकेंगे कि चीन आखिर इस पर कब्जा क्यों किया और उसकी मंशा क्या है। तो दोस्तों Aksai Chin एक Tibbetan पठार क्षेत्र है। इसकी सीमा भारत और पाकिस्तान दोनों से लगती है। इसी एरिया में ‘Aksai Chin’ नाम से एक झील भी और इसी नाम से नदी (Aksai Chin river) भी है। इसे भौगोलिक दृष्टि से देखें तो यह कुनलुन पर्वतों के ठीक नीचे है।

Aksai Chin par china ne kab kabja kiya? अक्साई चीन पर चीन ने कब कब्जा किया

अब बात करते हैं इसकी कि आखिर चीन ने इस क्षेत्र पर कब कब्जा किया। क्योंकि अब तो आप समझ ही गए होंगे कि पहले यह हिस्सा चीन का नहीं था। चीन ने 1950 के आसपास इस क्षेत्र पर धीरे-धीरे अपना प्रभुत्व बढ़ाना शुरू किया औैर अपने कब्जे में ले लिया।

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kya Aksai Chin bharat ka hissa hai? अक्साई चीन पर भारत क्या कहता है?

Aksai Chin पर भारत शुरू से ही अपना दावा करता रहा है। ऐसे में आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि क्या Aksai Chin भारत का हिस्सा है। तो चलिए आपको बता दें कि भारत इसे जम्मू-कश्मीर राज्य का ही हिस्सा मानता है। यह क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के उत्तर पूर्वी हिस्से में है। यही वजह है कि भारत कहता है कि यह क्षेत्र पहले भारत का ही हिस्सा रहा है।

Aksai Chin vivad kya hai? अक्साई चीन विवाद क्या है?

अक्साई चीन का मुख्य विवाद भारत और चीन के बीच ही है। यह विवाद इसी क्षेत्र को लेकर है जिस पर भारत अपना दावा करता है जबकि चीन कब्जा करके बैठा है। यह कब्जा तब हुआ जब 1950 के दशक में चीन ने तिब्बत पर कब्जा किया। तिब्बत पर कब्जा के दौरान जब विद्रोह भड़के और चीन को लगा कि उसके और तिब्बत के बीच का मार्ग कट सकता है और उसके लिए दिक्कत हो जाएगी तो उसने तुरंत शिंजियांग-तिब्बत राजमार्ग का निर्माण कर खुद को सुरक्षित कर लिया। यह राजमार्ग अक्साई चीन के क्षेत्र से निकलता है। चीन को फायदा यह हुआ कि उसने इस जगह से पश्चिमी तिब्बत में अपनी पहुंच मजबूत कर ली। भारत को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने इस इलाके को फिर अपने क्षेत्र मे लेने का प्रयास किया और कहा जाता है कि भारत-चीन का 1962 का युद्ध का यह भी एक मुख्य कारण बना। और तबसे यह क्षेत्र विवादित हो गया और चीन के कब्जे के बावजूद अब भी भारत की कोशिश अपने इस क्षेत्र को वापस पाने की रहती है।

LAC KYA HAI? चीन और भारत को बांटने वाली रेखा कौन सी है?

भारत और चीन के सीमा विवाद पर अक्सर आपको वास्तविक नियंत्रण रेखा शब्द सुनने को मिलता होगा। इसे एलएसी The Line of Actual Control (LAC) भी बोलते हैं। भारती के कश्मीर क्षेत्र को अक्साई चिन से अलग करने वाली रेखा ही ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा’ है। अक्साई चीन से अलग करके चीन ने चालाकी चली है लेकिन भारत अपना दावा अक्साई चीन से कभी खत्म नहीं करने वाला है। वह लगातार इस क्षेत्र को अपने से मिलाने की कोशिश में जुटा है।

अक्साई चीन में भारत के कश्मीर का कितना हिस्सा है? aksai chin mein kashmir ka kitna hissa hai

aksai chin भारत के लिए सम्मान की भी लड़ाई है। साथ ही चीन के जबरदस्ती कब्जे को लेकर भारत का प्रतिरोध भी है। आपको बता दें कि कश्मीर का एक बड़ा हिस्सा अक्साई चीन में जा मिला है, जिस पर चीन कब्जा कर बैठा है। बताया जाता है कि करीब 20 फीसदी हिस्सा है, जिस पर चीन का कब्जा है।

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