बकचोदी का अर्थ क्या होता है? लोग बकचोदी क्यों करते हैं? Bakchodi Ka Matlab Kya Hota Hai

Bakchodi Ka Matlab Kya Hota Hai: कई बार आपको यह सुनने को मिलता है कि- अमां यार क्या बकचोदी है। यह शब्द सुनने के बाद अक्सर दिमाग में आता है कि आखिर ये बकचोदी क्या होता है? Bakchodi Ka Matlab Kya Hota Hai? बकचोदी का अर्थ क्या होता है? इस आर्टिकल में आपको इन सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे। तो चलिए शुरू करते हैं। दोस्तों, इस जरूरी जानकारी को शेयर भी कर दीजिएगा।

बकचोदी एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल भारत में धड़ल्ले से किया जाता है। पहले यह शब्द गांवों में खासकर यूपी और बिहार के गांवों तक ही सीमित था लेकिन आज यह शब्द पूरे भारत में समान रूप से बोला जाता है। हिंदी बेल्ट में तो आम बोलचाल में भी बकचोदी शब्द ने अपना जगह बना लिया है।

आखिर इस शब्द में इतनी ताकत आई कैसे? कैसे यह शब्द आम बोलचाल का हिस्सा बन गया। कैसे दोस्तों के बीच बकचोदी शब्द ने इतना अहम स्थान बना लिया। आखिर क्यों यह शब्द रोजमर्रा का शब्द बन गया। चलिए इन सबके बारे में एक एक करके बात करते हैं। सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर बकचोदी होता है क्या।

बकचोदी क्या होता है | Bakchodi Ka Matlab Kya Hota Hai

दोस्तों, बकचोदी एक स्लैंग शब्द है। यानी लोगों ने इस शब्द को खुद इजाद किया है। यह शब्द डिक्शनरी का हिस्सा नहीं है। फालतू या बेवजह की बात को लोगों ने बकचोदी कहना शुरू कर दिया। यानी ऐसी बातें जिसका कोई मतलब नहीं है। जिसका कोई सिर पैर नहीं है, वे बकचोदी होती है। इसी तरह से इस तरह की बातें करने वाले को लोग बकचोद कहना शुरू कर दिए।

धीरे-धीरे यह शब्द इतना प़ॉपुलर हो गया कि हर किसी के जुबान पर चढ़ गया। हर कोई आपसी बातचीत में बकचोदी शब्द का इस्तेमाल करने लगा। उदाहरण के लिए- कोई दोस्त कहीं काम करता है और उसके दोस्त उस जगह के बारे में पूछने लगें। तो जवाब में वह दोस्त उस जगह के बारे में बताने की जगह उस शहर की खासियत और दूसरी चीजें गिनाने लगे और खूब फेंकने लगे तो दोस्त गुस्साकर कहते हैं- अमां यार कितनी बकचोदी कर रहे हो। सीधा-सीधा बताओ ना कि क्या काम है और कितने घंटे करते हो।

एक और उदाहरण से समझिए- आप कोई वीडियो देख रहे हैं। उसके थंबनेल में लिखा है कि उस वीडियो में आपको किसी फिल्म का रिव्यू बताया जाएगा लेकिन वीडियो में आपको इधर-उधर का ज्ञान मिल रहा है। एंकर केवल फालतू बातें कर रहा है तो यह सुनने के बाद आप बोलते हैं- क्या यार ये तो साला केवल बकचोदी कर रहा है।

एक और उदाहरण देखिए- आजकल के टीवी मीडिया चैनलों पर बहस किसी और बात पर होती है और उसमें आने वाले गेस्ट अलग-अलग बातों पर ज्ञान पेल रहे होते हैं। एंकर भी अपना अलग ज्ञान पेल रहा होता है जिसका उस शो से या टॉपिक से कोई मतलब नहीं होता है। ऐसे में देखने वाला कहता है- ये टीवी वाले भी अलग बकचोदी करते रहते हैं।

Bakchodi Ka Matlab Kya Hota Hai

बकचोदी का मतलब क्या होता है | Bakchodi Ka Matlab Kya Hota Hai

बकचोदी यानी बेसिर पैर की बात। फजूल बातें। बेवजह की बातें। यानी कोई मतलब नहीं है बस बोले जा रहे हैं। टॉपिक कुछ और है और हम अपना अलग ज्ञान पेले जा रहे हैं। ऐसा करने वालों को लोग बकचोद और इस क्रिया को बकचोदी कहते हैं। मतलब साफ है कि उस बात में कोई मतलब ही नहीं है। वहां सिर्फ और सिर्फ बकचोदी है।

उदाहरण के लिए- आप फिल्म देखने गए हैं कोई रोमांटिक और उस फिल्म में कोई स्टोरी ही नहीं हो और बेवजह के सींस आ रहे हैं जा रहे हैं तो आप कहेंगे क्या बकचोदी कर रहे हैं यार ये सब। इसी तरह से अगर कोई नेता फालतू ज्ञान पेले जा रहा है और आप जानते हैं कि वो कोई काम तो करता नहीं है तो आप कहेंगे कि फिर बकचोदी करने लगा ये।

आजकल चुनावों के समय नेता लोग बकचोदी खूब करते हैं। इसी तरह से टीवी पर मीडिया एंकर आजकल केवल बकचोदी ही कर रहे हैं। संगीत के नाम पर बकचोदी हो रही है। फिल्म के नाम पर बकचोदी हो रही है। कहानी है नहीं कुछ भी बना दे रहे हैं तो उसे बकचोदी ही कहेंगे। Bakchodi Ka Matlab Kya Hota Hai के तहत अब जानिए इसका शाब्दिक अर्थ क्या है।

बकचोदी का क्या अर्थ है | Bakchodi Ka Matlab Kya Hota Hai

बकचोदी का शाब्दिक अर्थ है फालतू की बातें, बेवजह की बातें. कुछ लोग मूर्खता वाली बातों को भी बकचोदी कहते हैं। कुछ लोग बिना तथ्य वाली बातों को भी बकचोदी कहते हैं। मतलब जिन बातों को कोई अर्थ ना निकले वे बकचोदी है। कुछ भी बोले जा रहे हैं। ऊटपटांग बातों को भी बकचोदी वाली बातें कह सकते हैं।

बकचोदी करने वाले रुकते नहीं है। वे इतना बोलेंगे कि आपका माथा घूम जाएगा। उन्हें मालूम है कि वे बे सिरपैर की बात कर रहे हैं लेकिन वे मानेंगे नहीं। वे बकचोदी करते रहेंगे। फालतू की बातें करते रहेंगे। लंबा-लंबा फेकेंगे लेकिन उसका कोई मतलब नहीं होगा। वे सिर्फ अपने मन की करते हैं। वे दूसरों का ना सुनते हैं और ना ही उन्हें फर्क पड़ता है कि सामने वाला पक रहा है या उसे कैसा लग रहा है।

यही वजह है कि बकचोदी समाज के लिए खतरनाक भी है क्योंकि यह आपका समय बर्बाद करता है और कई बार समाज में स्टेटस भी। बकचोदी करने वालों का समाज में कोई सम्मान नहीं होता है। क्योंकि जो हर समय केवल फालतू बातें ही करेगा उसे कोई क्या सम्मान देगा। Bakchodi Ka Matlab Kya Hota Hai के तहत अब जानिए क्या यह बुरा शब्द है।

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क्या बकचोदी वाकई बुरा शब्द है | Bakchodi Ka Matlab Kya Hota Hai

देखिए दोस्तों, चूंकि बकचोदी में जो चोदी शब्द है उसे लोग अश्लील मानते हैं। क्योंकि ऐसा ही एक टर्म होता है चो..ना (इसमें बीच में द आएगा)। इसे अश्लील समझा जाता है और माना जाता है कि चो..ना से ही चोदी बना है। इसलिए लोग बकचोदी जब आता है तो उसे अश्लील मान लेते हैं। उन्हें लगता है कि यह उसी चो..ना शब्द से बना है और इस कारण गांवों में लोग इस शब्द को बहुत ही गंदा मानते हैं।

चोदी शब्द आने के कारण ही लोगों को आपत्ति है। बक शब्द से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन चोदी शब्द जो है उसे लोग चो..ना (इसमें बीच में द आएगा) से लिया हुआ मान लेता है। चो..ना (इसमें बीच में द आएगा) चूंकि बहुत ही गंदी क्रिया है जिसका मतलब संबंध बनाने से होता है इसलिए लोग इस शब्द के इस्तेमाल पर उसे बुरा मानते हैं और इसे कई जगह गंदा गाली भी माना जाता है।

यही वजह है कि अगर आप यूपी और बिहार के गांवों में जाकर किसी महिला या पुरुष के सामने बकचोदी बोलेंगे तो संभव है कि वह इसे सुनकर शर्मा जाए या बुरा मान जाए। जबकि दिल्ली में लड़के लड़कियां धड़ल्ले से आपसी बातचीत में बकचोदी शब्द का इस्तेमाल करते हैं. उन्हें कोई शर्म नहीं है क्योंकि वहां आम बोलचाल की भाषा बन गई है ये।

दोस्तों के बीच तो बकचोदी शब्द इतना कॉमन है कि कॉलेज में हमने लड़के लड़कियों को अक्सर बकचोदी बोलते हुए देखा है। यहां तक कि जेएनयू और डीयू के बच्चे भी कहते हैं- अबे यार क्या बकचोदी है। आईआईटी के लड़के भी बकचोदी बोलते हैं। तो आप सोच लीजिए इस शब्द की ताकत क्या है।

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